नीतिज्ञानाम् चाणक्यो अहम्
સોમવાર, 28 ડિસેમ્બર, 2015
મંગળવાર, 15 ડિસેમ્બર, 2015
किशान की मोत पर उसका बैल अपनी भावनाए व्यक्त करता हे, मगर कई लोग उसपर राजनीति करते हे ये बात सही है ? आप ही बताइये की किशान को भी अपने सपने देखने का अधिकार है की नहीं ?
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